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मोठ दाल का पंजाबी पोहा

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" type="4_4"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" hover_enabled="0" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"]   पंजाब उत्तर पश्चिम भारत का एक विकसित राज्य है। पंजाब शब्द फारसी के शब्दो पञ्च यानि ‘पांच’ और आब यानि ‘पानी’ से बना है जिसका शाब्दिक अर्थ है पांच नदियों का क्षेत्र। संस्कृत के ‘पंचनाद’ का भी यही अर्थ है, ये नदिया है -सतलज,व्यास,रावी,चिनाव और झेलम।  चिनाव और झेलम अभी पाकिस्तान के पंजाब प्रान्त में है।  सिख धर्म पंजाब का मुख्य धर्म है और ‘हरिमंदिर साहिब ’ जोकि पंजाब के अमृतसर नगर में है सिखों का पवित्रम धार्मिक स्थान है।  अमृतसर,लुधियाना,जालंधर,पटियाला और भटिंडा पंजाब के प्रमुख नगर है।  कृषि पंजाब का सब से बड़ा उधोग...

कुछ मीठा हो जाये- सोया काजू कतली

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column type="4_4" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] जब भी ड्राई फ्रूट्स की बात की जाती है तो उसमे काजू का जिक्र जरूर होता है और यह लाज़िमी भी है। काजू  फ्रूट्स में प्रमुख स्थान जो रखता है और इसके पौष्टिक तत्व ऐसे और खास बनाते है। इसका उपयोग मिठाइयों में,और अलग -अलग प्रकार के स्वादिष्ट व्यंजनों में किया जाता है। किसी भी खाद्य पदार्थ में इसको शामिल करने से उसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।  वैसे तो काजू मुख्य रूप से ब्राज़ील से है परन्तु हमारे देश में भी इसकी खेती केरल,महाराष्ट्र,गोवा,कर्नाटक,तमिलनाडु,आंध्र प्रदेश,उड़ीसा एवम प. बंगाल में की जाती है।  आयरन की पर्याप्त मात्रा होने के कारण काजू शरीर में खून क...

यात्रा में याद रखे-सफ़र की सावधानियाँ

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column type="4_4" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] जीवन में हमें कम से कम परेशानियाँ का सामना करना पड़े, इसके लिए जरूरी है हमें कुछ सावधानियों पर भी ध्यान देना चाहिए । एक कहावत भी है “सावधानी हटी,दुर्घटना घटी” सफ़र के दौरान भी हमें बहुत सी छोटी बड़ी सावधानियों का ख्याल रखना पड़ता है ताकि हमारा सफर वास्तव में सुहाना बन सके। सफ़र में उम्र, लिंग और शारीरिक क्षमता के अनुसार सावधानियाँ रखना ज़्यादा बेहतर विकल्प होगा इन्ही के अनुसार हम सफ़र के विभिन्न माध्यमों का चुनाव भी कर सकते है। [/et_pb_text][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||...

चटपटा चटनी पराँठा

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column type="4_4" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए चटनी का इस्तेमाल बरसों से होता चला आ रहा है। चटनी का अर्थ होता है दो या उससे अधिक चीजों का मिश्रण। आम बोलचाल की भाषा में चटनी या खिचड़ी शब्द का प्रयोग वैसी चीजों के लिए किया जाता है जिसमे आनुपातिक मात्रा का कोई खास ख्याल नहीं रखा जाता।    चटनी मूल रूप से भारत से ही है जिसमे मख्यतः हरी मिर्च और नमक के अलावा अन्य चीजों का खुली रूप में प्रयोग किया जाता है। ज़्यादातर चटनियों के बनाने में हरी मिर्च और नमक के अतिरिक्त अपनी पसंद की किसी भी खास सब्जी को चुना जा सकता है। ज्यादातर कच्ची  सब्जिओ की चटनिया वैसे तो सिलबट्टे पर पीसकर ...

सफ़र की सतरंगी सलाद-सरल और शक्तिशाली

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column type="4_4" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] सलाद शरीर के लिए जितनी अच्छी होती है, उसको बनाना उतना ही आसान। अधिकतर हमने देखा भी है जो लोग अपने खाने में जितना अधिक सलाद का सेवन करते है वो उतने ही ज्यादा फिट नज़र आते है।  आज के समय में सलाद खाने का साइड (सह) हिस्सा ना होकर अपने आप में पूर्ण भोजन बन गया है क्योंकि लोग दिन प्रतिदिन अपनी सेहत के प्रति काफी सजग होते जा रहे है। [/et_pb_text][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] सलाद खाने से हमारी पाचन क्रिया अच्छी तरह से काम करती है जि...

यात्रा क्यों, और कैसे करे तैयारी

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" type="4_4"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" hover_enabled="0" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px"] मानव स्वभाव सृष्टि के उद्गम से ही घुमन्तु रहा है पर आखिर क्यों ऐसा होता है कि हम मौका पाकर निकल पड़ते है यात्राओं पर।  भारतीय प्राच्य ग्रंथो में मानव के विकास,सुख,शांति की संतुष्टि व ज्ञान के लिए पर्यटन को अति आवश्यक माना गया है।  जब भी हम यात्रा पर जाते है मन बहलाव होता है,चिंता और तनाव से मुक्ति मिलती है और हमको काफी सुकून मिलता है शायद डाक्टर भी इसलिए कही घूम-कर आने की सलाह देते है।  यात्रा से शरीर में ऊर्जा बढ़ती है और जिससे हमारी कार्यक्षमता भी बढ़ जाती है,फलस्वरूप हम जीवन में इच्छित फल भी पा सकते है। [/et_pb_text...

सफ़र का खाना -आतिशी अचारी आलु

[et_pb_section fb_built="1" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_row _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_column type="4_4" _builder_version="4.5.4" _module_preset="default"][et_pb_text _builder_version="4.5.4" _module_preset="default" text_font="Poppins||||||||" text_font_size="16px" hover_enabled="0"] अचार के बारे में सोचते ही हमारे मुँह में एक एहसास सा हमको महसूस होता है यह अचार के अलग स्वाद और चूकि हम सभी अचार का स्वाद को भलि- भाति जानते और समझते है उसके कारण होता है।  अचार की विधि के हम ‘हिंदुस्तानी’ ही जन्मदाता है और यह हुआ लगभग २४०० ई.पु. के आस पास हुआ।   इसके बाद बौद्ध लोगो ने जो काफी भ्रमण करते थे अचार को एशिया में काफी प्रशिद्ध किया क्योंकि अचार सफर के लिए काफी ठीक रहता है ना ही तो इसको गरम करने की जरूरत होती है और ना ही इसके जल्दी ख़राब होने का डर, इसी वजह से ये लोग अपनी यात्रा में अचार को अन्य खाद्य वस्तुओ...